Kritika Reddy: डॉक्टर कृतिका रेड्डी मौत के पीछे पुलिस ने एक बड़ा खुलासा किया है। Kritika Reddy Case पहले एक साधारण केस लग रहा था, लेकिन अब पुलिस ने उनके पति डॉक्टर महेंद्र राजीव गांधी स्वास्थ्य विज्ञान विश्वविद्यालय (हॉस्पिटल) में गैस्ट्रो सर्जन उनको हिरासत में लिया है। पुलिस का कहना है कि कृतिका के पति महेंद्र के फोन से कई सारे डिलीट मैसेज सामने आये हैं जो महेंद्र ने अपनी गर्लफ्रेंड को भेजे गए थे। पति महेंद्र पुलिस और परिवार काफी दिनों से गुमराह कर रहा था। कृतिका की पोस्टमार्टम की बात आयी तो महेंद्र ने साफ़ इंकार कर दिया था, चलिए जानते हैं Kritika Reddy Case के कत्ल को लेकर पूरी घटना।
Kritika Reddy Case डॉ. कृतिका रेड्डी का की मृत्यु कब और कैसे हुई?
Kritika Reddy Case (dr kritika reddy) डॉ. कृतिका रेड्डी की मृत्यु 29 अप्रैल 2025 को बंगलौर में एनेस्थेसिया की ज्यादा डोज देने से हुई थी। कृतिका के मौत की कहानी 23 अप्रैल 2025 से शुरू होती है, जब कृतिका की थोड़ी तबियत बिगड़ती है तब कृतिका माराठाहल्ली अपने मायके चली जाती है। दो दिन बाद कृतिका का पति उनका इलाज करने के लिए अपने घर ले आता है। दरअसल कृतिका का पति एक गैस्ट्रो डॉक्टर है। उनको एनेस्थेसिया के बारे जानकारी होने के कारण कृतिका को सुबह शाम एनेस्थेसिया का इंजेक्शन देने लगता है।
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एनेस्थेसिया इंजेक्शन की ज्यादा डोज़ देने से कृतिका की ताबियत बहुत ज्यादा बिगड़ जाती है। तब महेंद्र उसको किसी पास के हॉस्पिटल में ले जाता है और वहां डॉक्टर कृतिका को मृत घोसित कर देते हैं। डॉक्टरों का कहना है कि कृतिका की मौत High Dose Anesthesi के कारण हुई है। परिवार को पहले से ही सक था कि ऐसा काम उनका पति महेंद्र ही कर सकता है। परिवार वालो ने पोस्टमार्टम के लिए पुलिस से कहा गया।
Kritika Reddy Case पति डॉ. महेंद्र ने पोस्टमार्टम के लिए मना क्यों किया?
Kritika Reddy Case (dr kritika reddy) कृतिका का पति महेंद्र बार-बार पोस्टमार्टम के लिए मना कर रहा था, वह जनता था कि अगर कृतिका की पोस्टमार्टम हुई तो मैं पकड़ा जाऊंगा। दरअसल महेंद्र अपनी पत्नी कृतिका को नहीं चाहता था, महेंद्र का किसी महिला के साथ गैर था। इसलिए वो अपने रास्ते से हमेशा के लिए कृतिका को हटाना चाहता था। महेंद्र परिवार और पुलिस वालो से कहता रहा कि मैं कृतिका को कटता हुआ नहीं देख सकता। महेंद्र ने परिवार वालो को बार-बार यही कहता रहा, लेकिन परिवार को महेंद्र पर शक होने लगा तो परिवार वालो ने पुलिस की मदद से कृतिका की पोस्टमार्टम करवाई। रिपोर्ट में एनेस्थेसिया दवा की हाई डोज बताई गयी।
Kritika Reddy Case पुलिस को महेंद्र के फ़ोन से क्या मिला?
कुछ समय पहले पुलिस ने महेंद्र का फ़ोन लिया, फ़ोन से कई मैसेज डिलीट पाए गए। डिलीट हुए मैसेज महेंद्र ने अपनी गर्लफ्रंड को भेजे हुए थे। जिसमे लिखा था, “तुम मुझे फ़ोन या मैसेज मत करना, अगर पुलिस कॉल हिस्ट्री को लेकर पूछे तो कह देना हम सिर्फ दोस्त हैं।” यह मैसेज फोनपेय की चैट हिस्ट्री से पुलिस को मिले हैं। फिलहाल महेंद्र पुलिस हिरासत में हैं। दोस्तों Kritika Reddy Case को लेकर आप क्या कहना चाहेंगे, हमें कमेंट में जरूर बतायें।
निष्कर्ष (Kritika Reddy Case)
डॉ.कृतिका रेड्डी की मौत 29 अप्रैल 2025 को एनेस्थेसिया दवा की हाई डोज देने से हुई थी। कृतिका का अपने पति महेंद्र के साथ कुछ अच्छे सम्बन्ध नहीं चल रहे थे। क्योंकि महेंद्र का किसी अन्य महिला के साथ गैर सम्बद्ध थे। महेंद्र ने कृतिका को तीन से चार दिन तक लगातार जान बूझकर एनेस्थेसिया दवा दी जिससे कृतिका की मृत्यु हो गयी। अब महेंद्र परिवार और पुलिस को गुमराह करने में लगा हुआ है। लेकिन महेंद्र पुलिस के हाथ चढ़ गया जब महेंद्र के फ़ोन से डिलीट मैसेज जो महेंद्र ने अपनी गर्लफ्रंड को भेजे थे वो मिल गए।