Sonam Wangchuk Released From Jail: सोनम वांगचुक जेल से रिहा हुए, NSA हटा

सोनम वांगचुक: ताज़ा खबर- 170 दिनों बाद Sonam wangchuk released from jail यानि सोनम वांगचुक 170 दिनों बाद जेल से रिहा हो गए हैं, साथ ही NSA भी हटा दिया गया है। दरअसल, 26 सितम्बर 2025 को लेह हिंसा को लेकर उन पर NSA (नेशनल सिक्योरिटी एक्ट) लगा कर उनको जेल भेजा गया था, इससे दो दिन पहले 24 सितम्बर को लेह हिंसा यानि लद्दाक को राज्य बनाने की मांग को लेकर उन्होंने प्रदर्शन किया था। सोनम की पत्नी ने सुप्रीम कोर्ट में गुहार के साथ मेडिकल रिपोर्ट, वीडियो कोर्ट के सामने रखे।

Sonam Wangchuk Released From Jail: सोनम वांगचुक 24 सितम्बर को लद्दाक में लेह हिंसा कर रहे थे, उनका कहना था कि लद्दाक को भी राज्य घोसित किया जाये। इस प्रदर्शन को लेकर 04 लोगों की मौत भी हो गयी थी, और 65 लोग गंभीर घायल हुए थे। जिसके बाद सरकार ने NSA के तहत सोनम वांगचुक को 26 सितम्बर 2025 को गिरफ्तार कर लिया गया था। जिसके बाद तुरंत उन्हें जोधपुर की जेल में शिफ्ट कर दिया गया।

Sonam Wangchuk Released From Jail
Sonam Wangchuk

सुप्रीम कोर्ट की पहली सुनवाई 10 अक्टूबर 2025 में कोर्ट ने केंद्र सरकार और लद्दाक प्रशासन से गिरफ्तारी को लेकर जवाब माँगा था। जिसके बाद 16 फरवरी 2026 को सुप्रीम कोर्ट ने प्रदर्शन के वीडियो और मेडिकल रिपोर्ट दिखने को कहा। इसके चलते फरवरी और मार्च 2026 में सुप्रीम कोर्ट में 22 से अधिक बार सोनम वांगचुक का केस लिस्ट हुआ।

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Sonam Wangchuk Released From Jail: सोनम वांगचुक पर लेह हिंसा के तहत 26 सितम्बर 2025 को NSA लगाया गया था, 05 महीनों बाद 14 मार्च 2026 को उन्हें जोधपुर जेल से जसुप्रिम कोर्ट द्वारा जमानत मिली है। सोनम ने 24 सितम्बर 2025 को लद्दाक को राज्य दर्जा देने के लिए प्रदर्शन किया था, पुलिस ने लाठीचार्ज किया और गैस के गोले रिलीज़ किये, जिसमे 04 लोगों की मौत और 65 से अधिक घायल भी हुए। फिर सरकार ने 26 सितम्बर को सोनम वांगचुक को गिरफ्तार कर जोधपुर की जेल में रखा।

NSA (नेशनल सिक्योरिटी एक्ट) सभी के लिए लागू होता है जब सरकार को लगता है कि यह व्यक्ति या कोई गतिविधि अपने राष्ट्र या देश को नुकसान पंहुचा सकता है तो सरकार उस व्यक्ति पर NSA लगा सकता है। और जब किसी व्यक्ति पर NSA लगता है तो यह नियम कहता है कि उसको बिना सुनवाई के 12 महीनो तक जेल में रखा जा सकता है।

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सोनम वांगचुक का जन्म 1966 में लद्दाक में लेह जिले में अलसी के पास हुआ था। 09 वर्षो तक उनकी माँ ने ही उनको शिक्षा दी, क्योंकि उनके आस पास कोई स्कूल नहीं थी। 09 साल बाद उनका श्रीनगर की स्कूल में दाखिला करवाया गया। 12th पास करने के बाद उन्होंने श्रीनगर में नेशनल इंस्टिट्यूट ऑफ़ टेक्नोलॉजी (NIT) में Btech में दाखिला करवाया।

इंजिनीरिंग कोर्स पूरा होने के बाद साल 1988 में उन्होंने स्टूडेंट्स एजुकेशनल एंड कल्चरल मूवमेंट ऑफ लद्दाख (SECMOL) में कदम रखा। SECMOL का मतलब, सरकारी स्कूलों में शिक्षा को लेकर सुधार करना है।

SECMOL में अपना जीवन व्यतीत करते-करते उन्होंने लद्दाक को अपना निशाना बनाया। वांगचुक लद्दाक को राज्य का दर्जा देना चाहने लगे।

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